कुम्भ 2013

 

कुम्भ मेला पृथ्वी पर सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव है । यह प्रत्येक १२वें वर्ष पवित्र गंगा, यमुना एवं सरस्वती के संगम तट पर आयोजित किया जाता है । मेला प्रत्येक तीन वर्षो के बाद नासिक, इलाहाबाद, उज्जैन, और हरिद्वार में बारी-बारी से मनाया जाता है । इलाहाबाद में संगम के तट पर होने वाला आयोजन सबसे भव्य और पवित्र माना जाता है । इस मेले में लाखो की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते है । ऐसी मान्यता है कि संगम के पवित्र जल में स्नान करने से आत्मा शुद्ध हो जाती है । संगम कुम्भ और अर्धकुम्भ के दौरान नदी के किनारे विशाल शिविर लगाये जाते हैं ।

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Press Updates
एक अनंत स्मृति
  • प्रयाग में गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर लगा इस सदी का दूसरा महाकुम्भ मेला महाशिवरात्रि मार्च 10, 2013 को हुए स्नान पर्व के साथ संपन्न हो गया। मकर संक्रांति जनवरी 14 को हुए प्रथम स्नान के बाद 55 दिनों तक चले आस्था संस्कृति के इस महान पर्व में देश विदेश से आये लगभग 12 करोड़ श्रद्धालुओं और तीर्थ यात्रियों ने भाग लिया।

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Kumbh Mela Updates
  • प्रयाग महाकुम्भ 2013 की कुछ विशेषताएं लम्बे समय तक याद रहेंगी।
  • इस महाकुंभ मेले में बारह करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया, जो इस मेले में भाग लेनेवाले की रिकार्ड संख्या है।
  • इलाहाबाद में तीर्थयात्रियों के लिए 2 हेक्टेयर ज़मीन पर एक तम्बू शिविर स्थापित किया गया था। इस शिविर को विद्युत आपूर्ति के लिए विशेष रूप से बिजली के पाँच सबस्टेशन स्थापित किए गए, अस्थायी पुलिस स्टेशनों और अस्पतालों का प्रबंध किया गया।
  • वसंत पंचमी से शाही स्नान के बाद तेज बारिश होने के बाद मेले में व्यवस्था को बहाल करने में केवल दो दिन का समय लगा, जो अपने आप में प्रशासनिक सुदृढ़ता का उदहारण है।
  • मेला प्रशासन की तरफ से श्रद्धालुओं से सुचारु और सुविधाजनक स्नान के लिए हरसंभव कोशिशें की गईं, जैसे सुरक्षा, चिकित्सा, साफ -सफाई और बिजली आपूर्ति।
  • कुम्भ मेले की अनोखी व्यवस्था की और दुनिया भर की सरकारों और संस्थानों का ध्यान आकर्षित हुआ, और अमेरिका के हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इस बात पर शोध हुआ दुनिया के इस विशालतम मेले के लिए इतनी बेहतरीन व्यवस्था कैसे की गई।
  • मेल प्रशासन की ओर से सभी श्रद्धालुओं, यात्रियों और स्वयं सेवी संस्थाओं का कोटि कोटि धन्यवाद। इन सभी के सहयोग और योगदान से ही इस भव्य आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सका।